एक ज़िन्दगी ऐसी भी..



एक ज़िन्दगी ऐसी भी..
सामना होता है जिससे राहों में
खिलखिलाती ,मुस्कुराती
खुद को सम्भाले हुए ,
नहीं है ये किसी की भी पनाहों में..

एक ज़िन्दगी ऐसी भी..
जाने कितने अरमाँ ,अनगिनत सपने ,
आशायें संजोए बैठी है निगाहों में
. . सूरज से है जिसकी रौशनी
और शीतलता है बस तारों की छाओं में

दिल में है उम्मीद  का दीया जलता हुआ 
हिम्मत है इसकी बाहों में 
एक ज़िन्दगी ऐसी भी..
कई बार रूबरू  हुई है हमसे सूनी राहों में.. .



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